Join Telegram

Join Now

 

Click Here

UPI Payment New Update 2025 जानें नया नियम और कैसे करें ट्रांजैक्शन! UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव!

UPI Payment New Update 2025 : यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने भारत में डिजिटल भुगतान की दुनिया में एक नई क्रांति ला दी है। फरवरी 2025 से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई भुगतान के लिए कई नए नियम लागू किए हैं, जो इस प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं उपयोगकर्ता-मित्र बनाने का प्रयास है।

नए नियमों का महत्व

Click Here

एनपीसीआई द्वारा लागू किए गए नए नियम डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन नियमों में लेनदेन की सीमा, पहचान प्रारूप और विवाद समाधान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

लेनदेन पहचान में बदलाव

Click Here

नए नियमों के अनुसार, यूपीआई लेनदेन की पहचान केवल अल्फान्यूमेरिक प्रारूप में होगी। विशेष चिह्नों जैसे @, #, $ आदि का उपयोग अब मान्य नहीं होगा। यह बदलाव तकनीकी मानकीकरण को बढ़ावा देगा और लेनदेन की पहचान को सरल बनाएगा।

दैनिक लेनदेन सीमा

यूपीआई के माध्यम से अब प्रतिदिन अधिकतम एक लाख रुपये तक का लेनदेन किया जा सकता है। साथ ही, एक दिन में अधिकतम 20 लेनदेन की सीमा निर्धारित की गई है। यह सीमा धोखाधड़ी को रोकने और सुरक्षित लेनदेन को सुनिश्चित करने में मदद करेगी।

चार्जबैक प्रक्रिया में सुधार

नई व्यवस्था में चार्जबैक प्रक्रिया को स्वचालित कर दिया गया है। विवादित लेनदेन के मामले में सिस्टम स्वयं निर्णय लेगा कि धनवापसी स्वीकार की जाए या नहीं। इससे विवाद समाधान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।

विफल लेनदेन का समाधान

विफल लेनदेन के लिए अब एक त्वरित समाधान प्रक्रिया लागू की गई है। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे लेनदेन क्रेडिट पुष्टि और वापसी अनुरोधों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करें।

उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव

नए नियमों का प्रभाव उपयोगकर्ताओं पर विभिन्न तरीकों से पड़ेगा। विशेष चिह्नों के उपयोग पर प्रतिबंध से तकनीकी समस्याएं कम होंगी। दैनिक लेनदेन सीमा से बड़े भुगतान के लिए वैकल्पिक माध्यमों की आवश्यकता होगी। हालांकि, विवाद समाधान की तेज प्रक्रिया उपयोगकर्ताओं के हित में है।

बैंकिंग प्रणाली पर प्रभाव

बैंकों के लिए नए नियम कार्य प्रक्रिया को सरल बनाएंगे। स्वचालित चार्जबैक प्रक्रिया से विवादों का समाधान तेजी से होगा और बैंकों का कार्यबोझ कम होगा।

यूपीआई के नए नियम डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-मित्र बनाने का एक सराहनीय प्रयास है। यद्यपि प्रारंभ में कुछ चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन दीर्घकाल में ये नियम डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत बनाएंगे।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। कृपया सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट या अपने बैंक से संपर्क करें। नियम और शर्तें समय-समय पर परिवर्तन के अधीन हैं।

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

Click Here
error: Content is protected !!
Sticky WhatsApp Join Button ग्रुप से जुड़ें